मैं सुबह सुबह ऑफिस के लिए रोज की तरह निकला। हां, आप भी सुबह में ही ऑफिस के लिए निकलते होंगे। मैं एसपी रिंग रोड़, अहमदाबाद के रास्ते ऑफिस जा रहा था। मेरे बाइक से आगे एक और बाइक था। उस बाइक के टिफिन टांगने वाली जगह पर हेलमेट टांगा हुआ था। बाइक वाहक से लिपटी एक कन्या थी। हेलमेट केवल ट्रैफिक पुलिस वालों को देखकर पहनने के लिए रखा गया था, मेरे अनुमान अनुसार। आप हेलमेट पहनने के कारण पीछे बैठे बाइक सवार से बात नहीं कर पाते क्योंकि आपकी बात उसको सुनाई नहीं देती।
मैं सोचने लगा कि यदि हेलमेट को इस तरह से बनाया जाए कि बाइक वाहक कुछ बोले तो पीछे बैठे बाइक सवार को स्पष्ट सुनाई दे और पीछे वाला बोले तो बाइक वाहक को सुनाई दे। शायद हो सकता है, टिफिन टांगने वाली जगह पर कोई हेलमेट न टांगे।
हालांकि, इस घटना के कुछ दिन बाद मैंने एक अन्य समाचार पढ़ा, जिसमें लिखा था कि आपके दिमाग में चल रहे विचारों को आप ऑडियो के रूप में सुन पाएंगे। मैं हैरत में पड़ गया। और सोचने लगा कि मेरे दिमाग में जो चल रहा है उसको ऑडियो के जरिए सुनकर क्या करूंगा ? इससे तो और अधिक परेशानी हो जाएगी। हां, एक बात जरूर है कि इससे उन बाइक वाहकों को फायदा होगा, जो अकेले चलते हैं। उनको लगेगा कि उसके साथ अब कोई दूसरा भी चल रहा है। हालांकि, विचार उनके ही होंगे, बस ऑडियो में तबदील होकर उन तक पहुंचेंगे।
एक अन्य हेलमेट के बारे में भी जानने को मिला, जो आपके तनाव को कम करता है। यह हेलमेट जापान में बनाया गया है। निर्माताओं का दावा है कि यदि आप इस हेलमेट को पहनने के बाद चिल्लाते हैं, तो आपका तनाव काफी हद तक कम हो जाएगा। इस हेलमेट में भी कुछ फायदा नजर आता है क्योंकि इस हेलमेट को पहनने के बाद आप तनाव मुक्त तो रहेंगे। मानो, आप ऑफिस से तनावपूर्ण निकले हैं। मगर, घर पहुंचने से पहले आप ने इस हेलमेट को पहनकर कुछ समय चिल्ला लिया तो घर बिल्कुल फ्रेश पहुंचेंगे। उसी तरह, यदि आप घर से तनावपूर्ण निकले हैं तो ऑफिस पहुंचने से पहले तनावमुक्त हो सकते हैं।
फिर भी, भारत के लिए मेरे वाला हेलमेट बहुत जरूरी है क्योंकि आजकल प्रेमी जोड़े बाइक पर चलते हुए एक दूसरे से बात करना पसंद करते हैं। मगर, हेलमेट पहनने के कारण वो बात नहीं कर पाते, इसलिए वो बीच में से हेलमेट को निकालकर टिफिन वाली जगह टांग देते हैं।
मैं सोचने लगा कि यदि हेलमेट को इस तरह से बनाया जाए कि बाइक वाहक कुछ बोले तो पीछे बैठे बाइक सवार को स्पष्ट सुनाई दे और पीछे वाला बोले तो बाइक वाहक को सुनाई दे। शायद हो सकता है, टिफिन टांगने वाली जगह पर कोई हेलमेट न टांगे।
हालांकि, इस घटना के कुछ दिन बाद मैंने एक अन्य समाचार पढ़ा, जिसमें लिखा था कि आपके दिमाग में चल रहे विचारों को आप ऑडियो के रूप में सुन पाएंगे। मैं हैरत में पड़ गया। और सोचने लगा कि मेरे दिमाग में जो चल रहा है उसको ऑडियो के जरिए सुनकर क्या करूंगा ? इससे तो और अधिक परेशानी हो जाएगी। हां, एक बात जरूर है कि इससे उन बाइक वाहकों को फायदा होगा, जो अकेले चलते हैं। उनको लगेगा कि उसके साथ अब कोई दूसरा भी चल रहा है। हालांकि, विचार उनके ही होंगे, बस ऑडियो में तबदील होकर उन तक पहुंचेंगे।
एक अन्य हेलमेट के बारे में भी जानने को मिला, जो आपके तनाव को कम करता है। यह हेलमेट जापान में बनाया गया है। निर्माताओं का दावा है कि यदि आप इस हेलमेट को पहनने के बाद चिल्लाते हैं, तो आपका तनाव काफी हद तक कम हो जाएगा। इस हेलमेट में भी कुछ फायदा नजर आता है क्योंकि इस हेलमेट को पहनने के बाद आप तनाव मुक्त तो रहेंगे। मानो, आप ऑफिस से तनावपूर्ण निकले हैं। मगर, घर पहुंचने से पहले आप ने इस हेलमेट को पहनकर कुछ समय चिल्ला लिया तो घर बिल्कुल फ्रेश पहुंचेंगे। उसी तरह, यदि आप घर से तनावपूर्ण निकले हैं तो ऑफिस पहुंचने से पहले तनावमुक्त हो सकते हैं।
फिर भी, भारत के लिए मेरे वाला हेलमेट बहुत जरूरी है क्योंकि आजकल प्रेमी जोड़े बाइक पर चलते हुए एक दूसरे से बात करना पसंद करते हैं। मगर, हेलमेट पहनने के कारण वो बात नहीं कर पाते, इसलिए वो बीच में से हेलमेट को निकालकर टिफिन वाली जगह टांग देते हैं।